सिंगरौली : एनसीएल की जयंत एवं दूधिचुआ खदान के विस्तार के लिए मोरवा शहर के विस्थापन की प्रक्रिया जारी है। पर मोरवा शहर के विस्थापन से पूर्व अब यहां के रहवासी खदानों में हो रही तीव्र ब्लास्टिंग को लेकर भयभीत होने लगे हैं। प्रतिदिन ब्लास्टिंग से घरों को नुकसान पहुंच रहा है। किसी का बोरवेल खराब हो रहा है तो किसी की घरों में दरारें आ रही है।
लोग आशंकित हैं कि किसी भी दिन ब्लास्टिंग की वजह से मकान जमीन दोज़ न हो जाए, ऐसे में भारी जान माल की हानि होगी। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार शाम सिंगरौली विस्थापन मंच के अधिकारियों संग करीब आधा सैकड़ा लोगों ने मोरवा थाने पहुंचकर एसडीओपी कृष्ण कुमार पांडे एवं नगर निरीक्षक अशोक सिंह परिहार से को घरों में हो रहे नुकसान को लेकर शिकायत पत्र सौंप उचित कार्यवाही करने की मांग की।
इन मांग पत्रों में लोगों ने बताया कि एनसीएल प्रबंधन अधिक कोयला उत्पादन के लक्ष्य को पूरा करने के उद्देश्य से डीएमएस द्वारा मनकों के विपरीत खतरनाक ब्लास्टिंग कर रहा है। जिस कारण लोगों के घरों में दरारें पड़ रही है। वहीं यहां के बोरवेल भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे कई जगह पानी का संकट भी खड़ा हो गया है।
इसके अलावा मोरवा में संचालित कई शैक्षणिक संस्थान काफी पुराने और जर्जर स्थिति में हो गए हैं। ऐसे में एनसीएल प्रबंधन द्वारा मनको को विपरीत की जा रही ब्लास्टिंग से कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है।
इन सभी मुद्दों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को सूचित कर एनसीएल प्रबंधन, जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों की एक त्रिपक्षीय बैठक करने का आश्वासन दिया है।
जिससे इस मामले का स्थाई हल निकाला जा सके। जन समस्या को लेकर मोरवा थाने पहुंचे सिंगरौली विस्थापन मंच के अध्यक्ष दधिलाल सिंह समेत ललित श्रीवास्तव, मनोज कुलश्रेष्ठ, प्रदीप गुप्ता, विनय सिंह, सतीश उत्पल आदि लोग शामिल थे।
