पिपरी (सोनभद्र) | पिपरी में चल रहे रामलीला के दसवें दिन बृहस्पतिवार की रात को लक्ष्मण शक्ति लीला का मंचन किया गया। मंच पर कलाकारों की प्रस्तुति देख दर्शक भावुक हो गए।
इसमें बताया कि निशाचरों के लगातार मारे जाने पर लंकाधिपति रावण चिंतित हो जाता है और वह पुत्र इंद्रजीत को रणभूमि में जाने के लिए कहता है। मेघनाद पिता से आज्ञा लेकर रणभूमि में पहुंचता है।

हां शेषावतार लक्ष्मण से उसका भयंकर युद्ध होता है। मेघनाद ब्रह्मा की ओर से दी गई शक्ति का आह्वान कर उसे प्राप्त करने के बाद शक्ति का प्रहार लक्ष्मण पर करता है, जिससे लक्ष्मण मूर्छित होकर गिर जाते हैं।
मेघनाद उनको मृत समझकर उनके शरीर को लंका ले जाना चाहता है, लेकिन वह मूर्छित पड़े लक्ष्मण को हिला भी नहीं पाता है और वह वापस लंका पहुंच जाता है। लक्ष्मण के मृत्यु का समाचार रावण को सुनाता है।
इधर, लक्ष्मण के मूर्छित होने की खबर मिलते ही राम दल में शोक छा जाता है। सुसेन वैद्य के निर्देश पर पवन पुत्र हनुमान संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण के प्राण बचा लेते हैं।
पिपरी मे चल रहे रामलीला का दशवां दिन जिसमें मुख्य अतिथि जनपद सोनभद्र के प्रमुख व्यवसायी श्री मनोज कुमार पाण्डेय ने भगवान की आरती कर आज का रामलीला शुरू की गई।
