वीरेंद्र नाथ / अंकुर मिश्रा
महोबा / मानिकपुर। भारतीय पत्रकार सुरक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मणिशंकर सिन्हा के साथ मानिकपुर जंक्शन पर लूट की घटना सामने आई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिन्हा जी महोबा में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में शामिल होने जा रहे थे। उनकी ट्रेन मानिकपुर स्टेशन पर रुकी हुई थी, तभी एक उचक्का उनके हाथ से मोबाइल छीनकर प्लेटफॉर्म पर भाग गया।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सिन्हा जी ने हिम्मत दिखाते हुए शोर मचाकर “चोर-चोर” कहते हुए उसका पीछा किया। प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों के सहयोग से कुछ दूरी पर ही आरोपी को दौड़ाकर पकड़ लिया गया।
घटना के बाद सिन्हा जी ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर सूचना दी। सूचना पर बांदा से पहुंची जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की, लेकिन क्षेत्र मानिकपुर जीआरपी का बताते हुए एफआईआर के लिए महोबा जाने की सलाह दी।
सिन्हा जी का आरोप है कि मानिकपुर जीआरपी से संपर्क करने पर मौखिक रूप से बताया गया कि “चोर को जेल भेज दिया गया है”, लेकिन किस धारा में चालान हुआ, एफआईआर की प्रति या कोई प्रेस विज्ञप्ति आज तक नहीं दी गई। इससे जीआरपी की कार्रवाई संदिग्ध लग रही है।
इससे असंतुष्ट होकर अब राष्ट्रीय अध्यक्ष ने महोबा जीआरपी थाने में दोबारा विधिवत एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय लिया है। परिषद के पदाधिकारियों ने रेलवे परिसर में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और लिखित कार्रवाई रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग उच्चाधिकारियों से की है।
