सोनभद्र में घर बुलाकर गला दबाकर हत्या की, सिरसी डैम में फेंका था शव
सोनभद्र पुलिस ने चंदौली के प्रॉपर्टी डीलर कुंवर मौर्य हत्याकांड का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि महिला ने अपने साथियों के साथ मिलकर घर बुलाकर गला दबाकर हत्या की। इसके बाद शव को सिरसी डैम में फेंक दिया। मामला रुपए के लेनदेन और जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। पकड़े गए आरोपियों में मिर्जापुर के संतनगर थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव निवासी चंद्रशेखर मौर्य, घोरावल क्षेत्र के पेढ़ नौगढ़वा गांव निवासी साहबलाल और उसकी पत्नी लीलावती शामिल हैं। पुलिस ने उनके पास से पांच मोबाइल फोन और 1900 रुपए नकद बरामद किए हैं।

पढ़िए पूरा मामला….
27 मार्च 2026 को घासी मौर्य निवासी चंदौली ने घोरावल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके भाई कुंवर मौर्य की 22 मार्च की रात हत्या कर दी गई और शव को मिर्जापुर जिले के सिरसी डैम में फेंक दिया गया। पुलिस ने पहले ही शव बरामद कर लिया था।
अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि 27 मार्च को ही ड्राइवर रोहित रमन ने भी थाने में सूचना दी थी। रोहित ने बताया कि वह 22 मार्च को अपने मालिक कुंवर मौर्य के साथ नौगढ़वा गांव गया था। वहां भोजन के बाद कुंवर मौर्य घर के अंदर सो गए, जबकि वह कार में सो रहा था।
ड्राइवर के अनुसार, देर रात चंद्रशेखर मौर्य, साहब लाल मौर्य और लीलावती ने उसे जगाया और बताया कि उन्होंने कुंवर मौर्य की हत्या कर दी है। इसके बाद आरोपियों ने उसे डराकर कार की डिग्गी खुलवाई और शव उसमें रख दिया। फिर सभी लोग शव को सिरसी डैम ले गए, जहां पत्थर से बांधकर पानी में फेंक दिया।
सूचना के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और ड्राइवरकी निशानदेही पर अगले ही दिन शव बरामद कर लिया। 1 अप्रैल 2026 को मुखबिर की सूचना पर खुटहा बाईपास तिराहे पर घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जब वे भागने की कोशिश कर रहे थे।

उधार के सात लाख रुपए नहीं दिया था पूछताछ में आरोपी लीलावती ने बताया कि मृतक कुंवर मौर्य उनका रिश्तेदार था और घर पर उसका आना-जाना था। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकी संबंध भी बन गए थे। कुंवर मौर्य जमीन खरीद-बिक्री का काम करता था और मिर्जापुर के लालगंज में किराए के कमरे में रहता था।
जांच में सामने आया कि कुंवर मौर्य ने चंद्रशेखर मौर्य से करीब 7 लाख रुपए उधार लिए थे और मुनाफे में हिस्सेदारी का वादा किया था। लेकिन पैसे वापस नहीं किए। इसके अलावा, लीलावती की बेटी सुमन मौर्य की शादी भी कुंवर ने पहले कराई और फिर तुड़वाकर अपने बेटे से करा दी।
आरोप है कि सुमन के नाम पर खरीदी गई करीब 15 लाख रुपये की जमीन को कुंवर मौर्य ने बेचकर पैसा अपने खाते में जमा कर लिया। सुमन ने यह भी बताया था कि कुंवर मौर्य की नीयत उसके प्रति ठीक नहीं थी।
इसके अलावा, चंद्रशेखर की बहन, जो बोल नहीं सकती थी, की शादी भी कुंवर मौर्य ने तुड़वा दी थी। इन सभी कारणों से आरोपियों के मन में उसके प्रति आक्रोश था।

शराब पीने के बाद खाना खाने के बाद सो गया
22 मार्च की शाम लीलावती ने कुंवर मौर्य को अपने घर बुलाया। रात में खाना खाने और शराब पीने के बाद वह सो गया। इसी दौरान लीलावती ने अपने दूसरे मोबाइल से चंद्रशेखर को बुलाया। रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच तीनों ने मिलकर सो रहे कुंवर मौर्य का गला दबाकर हत्या कर दी।
इसके बाद शव को साड़ी में लपेटकर कार की डिग्गी में रखा गया और सिरसी डैम ले जाकर पत्थर से बांधकर पानी में फेंक दिया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि रोहित रमन की इस घटना में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। उसे गवाह बनाया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले की आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
