लोकतंत्र : हक़ीक़त या भ्रम ?

प्रोफेसर राहुल सिंह (अध्यक्ष) उत्तर प्रदेश वाणिज्य परिषद वाराणसी : पिछले दिनों देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव संपन्न हुये। इनमें सबसे अधिक चर्चा पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों की…

आस्था का बाज़ारीकरण: वीआईपी दर्शन और आम श्रद्धालु की उपेक्षा पर एक गंभीर सवाल

प्रोफेसर राहुल सिंह (अध्यक्ष) उत्तर प्रदेश वाणिज्य परिषद वाराणसी: भारत जैसे देश में, जहाँ धर्म और आस्था केवल व्यक्तिगत विश्वास का विषय नहीं बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न…

नोएडा में श्रमिक आंदोलन : श्रम-संबंधों के गहरे संकट की अभिव्यक्ति

नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र नोएडा के फेस-2 में उभरा श्रमिक आंदोलन केवल एक स्थानीय असंतोष नहीं है, बल्कि भारत में श्रम-संबंधों के गहरे संकट की अभिव्यक्ति है। वेतन वृद्धि, बोनस,…

शिक्षा, संवाद और सामाजिक न्याय से ही आतंकवाद का खात्मा संभव

प्रोफेसर राहुल सिंह (अध्यक्ष) उत्तर प्रदेश वाणिज्य परिषद बाबतपुर (वाराणसी) : आतंकवादी और आतंकवाद किसी भी देश व समाज के लिए नासूर हैं। वास्तव में ये देश और समाज में…

अनिश्चित भविष्य एवं आभासी दुनिया से दुःखी युवापीढ़ी

प्रोफेसर राहुल सिंह (अध्यक्ष) उत्तर प्रदेश वाणिज्य परिषद बाबतपुर (वाराणसी) : पूरी दुनिया की सरकारें युवा के मुद्दों, उनमें बढ़ रहे तनाव एवं दुःखों और उनकी बातों पर ध्यान आकर्षित…

बढ़ती चीनी मिठास से सावधानी ज़रूरी

प्रोफेसर राहुल सिंह (अध्यक्ष) उत्तर प्रदेश वाणिज्य परिषद बाबतपुर (वाराणसी) : हमारे प्रधानमंत्री इन दिनों चीन यात्रा पर हैं उनका स्वागत चीन में जिस परम्परागत तरीके से हो रहा है…

दोस्त दोस्त नहीं रहा …प्यार प्यार नहीं रहा !!

अमरीका ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया …राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को समझना चाहिए कि वह अपने मित्र देश भारत के साथ व्यापार युद्ध जैसी स्थिति पैदा नहीं करें …!!…

भूख से लहूलुहान ग़ाज़ा: खामोश और चुप दुनिया

प्रोफेसर राहुल सिंह (अध्यक्ष) उत्तर प्रदेश वाणिज्य परिषद बाबतपुर (वाराणसी) : ग़ाज़ा की धरती इस समय इतिहास की सबसे भयावह मानवीय त्रासदियों में से एक का गवाह बन रही है।…

संविधान पर भारी मनुवादी विधान

प्रोफेसर राहुल सिंह अध्यक्ष) उत्तर प्रदेश वाणिज्य परिषद बाबतपुर (वाराणसी) : डॉ. भीमराव अंबेडकर ने शायद ही सोचा था कि मेरे अनुयायी मेरी बात को समझने के बजाय केवल “जय…

क्या हमारे तंत्र-संचालक अपनी पसंद के मतदाता चाहते हैं?

प्रोफेसर राहुल सिंह (अध्यक्ष) उत्तर प्रदेश वाणिज्य परिषद बाबतपुर (वाराणसी) : कैसी विडम्बना है, हमारे लोकतंत्र का ‘तंत्र’ अब ‘लोक’ से डरने लगा है! अगर ऐसा न होता तो निर्वाचन…

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